आँसू निकल पड़े…
इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,
हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,
मुद्दत के बाद उसने, जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी खुश तो हो गया, मगर आँसू निकल पड़े।
इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,
हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,
मुद्दत के बाद उसने, जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी खुश तो हो गया, मगर आँसू निकल पड़े।
इस मोहब्बत की किताब के,
बस दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए,
कुछ हम जैसे बरबाद हुए।
बस दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए,
कुछ हम जैसे बरबाद हुए।
तेरी आँखों में सच्चाई की एक राह दिखाई देती है,
तू है मोहब्बत का दीवाना ऐसी चाह दिखाई देती है,
माना कि ठोकर खाई है जमाने में बेवफाओं से,
पर तू आशिक है तुझमें मोहब्बत की चाह दिखाई देती है।
तू है मोहब्बत का दीवाना ऐसी चाह दिखाई देती है,
माना कि ठोकर खाई है जमाने में बेवफाओं से,
पर तू आशिक है तुझमें मोहब्बत की चाह दिखाई देती है।
तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी,
ये तो बेवफा लोगों की दुनिया है,
तुम अगर भूल भी जाओ तो रिवायत होगी।
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी,
ये तो बेवफा लोगों की दुनिया है,
तुम अगर भूल भी जाओ तो रिवायत होगी।
तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए,
तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए,
जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे,
कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।
तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए,
जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे,
कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।
ज़िन्दगी ने कितना मजबूर कर दिया।
लोग मांगते है ज़िन्दगी और हमें मौत से भी दूर कर दिया।
क्यों इतना सितम किया हम पर।
अपने दिल से न जोड़ते तुम
गम नही था हमें।
पर तुमने अपनी नफ़रत से भी दूर कर दिया।
लोग मांगते है ज़िन्दगी और हमें मौत से भी दूर कर दिया।
क्यों इतना सितम किया हम पर।
अपने दिल से न जोड़ते तुम
गम नही था हमें।
पर तुमने अपनी नफ़रत से भी दूर कर दिया।
Uski Baahon Mein Sone Ka
Abhi Tak Shauk Hai Mujhko,
Mohabbat Mein Ujad Kar Bhi
Meri Aadat Nahi Badli.

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